उत्तराखंड बने 25 वर्ष हो गए है। पूरा प्रदेश रजत जयंती मना रहा है। इसी को लेकर दो दिन का विशेष सत्र भी आहूत किया गया। जिसमें पहले दिन सत्र को राष्ट्रपति ने संबोधित किया। इन 25 वर्षों को लेकर सत्ता पक्ष अपने कामो की तारीफ कर रहा है। और बेमिसाल बता रहा है। उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष पर आयोजित विधानसभा का विशेष सत्र तीसरे दिन भी चलया जा रहा है। पहले यह सत्र दो दिन के लिए ही प्रस्तावित था, लेकिन कार्यमंत्रणा की मंगलवार को बैठक के बाद इसका समय एक दिन और बढ़ा दिया गया है।
तो वही बात करे विपक्ष की तो वो राज्य सरकार पर खूब बेहाल व्यवस्थाओ को लेकर सवाल उठा रहा है।
ममता राकेश, विधायक भगवान पुर
आपको बता दे पलायन पर चिंता जताने वाले राजनेता अक्सर खुद ही पलायन का रास्ता इख्तियार कर लेते हैं. बात मैदानी जिलों में आशियाना तलाशने की हो या फिर अपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाने की, हर मामले में नेताओं की करनी उनकी कथनी से इतर नजर आती है. उत्तराखंड में पलायन पर चिंता जताने वाले ऐसे ही नेताओं की भरमार है जिन्होंने पहाड़ी मूल को छोड़कर मैदानी सियासत पर भरोसा किया। वही किच्छा के विधायक ने कहा कि कोई भी पार्टी का विधायक हो।वह बस वही विधानसभा को चुनता हैं। जिसमें उसे सारी सुविधा मिले।
तिलक राज बेहड़ – किच्छा कांग्रेस
तीसरे दिन सत्र में कई मुद्दे उठाए गए। जिसमे कांग्रेस विधायको द्वारा के अलग अलग मत देखने को मिले है। वहीं बीजेपी के विधायक खजान दास का कहना है। की कांग्रेस कभी भी एक मत में नही रही।
खजान दास, विधायक राजपुर देहरादून
Reported By: Shiv Narayan














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