जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों का आंदोलन अब और तेज हो गया है। ‘प्रादेशिक जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ’ द्वारा अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर 1 मई से चलाए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन के पांचवें चरण के तहत सोमवार को राजधानी देहरादून में एक विशाल ‘गर्जना रैली’ और ‘शिक्षक महापंचायत’ का आयोजन किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक परेड ग्राउंड से एकत्रित होकर बुद्ध चौक, दर्शनलाल चौक, घंटाघर और राजपुर रोड होते हुए सचिवालय तक पहुंचे। इस दौरान शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की और सरकार के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया।
सरकार पर उपेक्षा का आरोप
प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन उनकी बातों को अनदेखा कर रहा है। थापा ने कहा कि जिन शिक्षकों का 35-35 साल का अनुभव है, उनसे टीईटी (TET) पास करने के लिए कहना गलत है। उन्होंने मांग की कि जिन 6 जिलों में पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है, वह सुविधा शेष जिलों में भी शिक्षकों को दी जाए। इसके अलावा, वेतन विसंगतियों को दूर करने और सभी इंटर कॉलेजों में अंग्रेजी का अनिवार्य रूप से शिक्षक नियुक्त करने की प्रमुख मांगें शामिल हैं।
शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक उग्र करेंगे और आगामी चुनावों में भी इसका विरोध करेंगे।
विनोद थापा, अध्यक्ष राजकीय जूनियर हाई स्कूल (पू0 मा0) शिक्षा संघ उत्तराखंड
कुंवर सिंह सजवाण, पूर्व कोषाध्यक्ष राजकीय जूनियर हाई स्कूल (पू0 मा0) शिक्षा संघ उत्तराखंड
Reported By: Shiv Narayan












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