किरोड़ीलाल मीणा, कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री, राजस्थान सरकार, ने परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश पहुंचकर दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती से भेंट कर आशीर्वाद लिया और दिव्य गंगा आरती में सहभाग किया। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण, किसान समृद्धि और “हरित राजस्थान” के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।
गंगा आरती के पावन अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का अभिनंदन करते हुए उन्हें रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति मूलतः प्रकृति पूजक रही है और वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जल संकट जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए पौधारोपण एक प्रभावी समाधान बन सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि परमार्थ निकेतन की गंगा आरती केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जनजागरण का एक सशक्त मंच है, जहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं को जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। इसी प्रेरणा से अनेक लोग देश और विदेश में वृक्षारोपण के अभियान चला रहे हैं।
स्वामी जी ने अपने संदेश में कहा, “कथाओं में पेड़े न बाँटें, पेड़ लगाएँ।” उनका मानना है कि यदि सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में पौधों का वितरण शुरू किया जाए, तो यह एक व्यापक हरित आंदोलन का आधार बन सकता है। उन्होंने राजस्थान की वीर भूमि को “पर्यावरण वीरों” की भूमि बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय तलवार नहीं, बल्कि पौधों को अपना अस्त्र बनाने का है।
विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर जोर देते हुए कहा कि मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छ वातावरण, जलभराव की रोकथाम और सामूहिक जिम्मेदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने “स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत” के संकल्प को अपनाने का आह्वान किया।
मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि राजस्थान जैसे बड़े राज्य में कृषि और ग्रामीण विकास का भविष्य जल संरक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों, बागवानी विस्तार और वृक्षारोपण पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई संसाधनों को सुदृढ़ करने, जैविक खेती को बढ़ावा देने और हॉर्टीकल्चर सेक्टर को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।
अंत में स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने सभी को पौधारोपण का संकल्प दिलाते हुए कहा कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन ही नहीं, बल्कि जीवन प्रदान करते हैं। उन्होंने चेताया कि यदि आज वृक्ष नहीं लगाए गए, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें क्षमा नहीं करेंगी। साथ ही उन्होंने सभी से मिलकर भारत में हरित क्रांति का नया अध्याय लिखने का आह्वान किया।
Reported Ny: Arun Sharma












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