हरिद्वार में प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण अभियान के बीच रेड़ी-पटरी के लघु व्यापारियों ने अपने अधिकारों और आजीविका की सुरक्षा को लेकर आवाज बुलंद की है। इस संबंध में लघु व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कुंभ मेला प्रशासन से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।
लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल कुंभ मेला कंट्रोल रूम पहुंचा, जहां उन्होंने अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती के साथ विस्तृत चर्चा की। इस दौरान आगामी कुंभ मेला 2027 की विकास योजनाओं में लघु व्यापारियों को शामिल किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
संजय चोपड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर योजना तथा उत्तराखंड नगरी फेरी नीति नियमावली के तहत नगर निगम द्वारा लाइसेंस प्राप्त सभी स्ट्रीट वेंडर्स को उनके पूर्व निर्धारित स्थानों पर वेंडिंग जोन के रूप में व्यवस्थित करना न्यायसंगत होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि रोड़ी बेलवाला, शिवपुरी और दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग मार्ग क्षेत्र के लाइसेंसधारी व्यापारियों को नेशनल हाईवे पुल के नीचे स्वरोजगार की अनुमति दी जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अतिक्रमण के नाम पर रेड़ी-पटरी के लघु व्यापारियों का उत्पीड़न करना राज्य की नीति नियमावली का उल्लंघन है। उनका कहना था कि ये छोटे व्यापारी अपनी आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें हटाने के बजाय व्यवस्थित रूप से स्थान दिया जाना चाहिए।
लघु व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति अपनाने को मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी न्यायपूर्ण मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए और कुंभ मेला 2027 की योजनाओं में उन्हें उचित स्थान दिया जाए।
यह मुद्दा न केवल रोजगार से जुड़ा है, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संतुलन से भी संबंधित है, जिस पर प्रशासन और सरकार को समन्वित समाधान निकालना होगा।
Reported By: Arun Sharma












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