भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (NDSA) के सदस्य (नीति एवं अनुसंधान) प्रमोद नारायण ने यूजेवीएन लिमिटेड की यमुना नदी पर निर्माणाधीन 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना तथा परिचालनाधीन 120 मेगावाट की व्यासी जलविद्युत परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, बांध सुरक्षा व्यवस्थाओं और परियोजनाओं के सुरक्षित संचालन की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।
लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के निरीक्षण के दौरान प्रमोद नारायण ने परियोजना की वर्तमान प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने परियोजना की कार्यदायी संस्था एल एंड टी (L&T) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जाए तथा निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य और क्षेत्र की ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ जल संसाधन प्रबंधन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप ही किए जाएं। उन्होंने निर्माण स्थल पर कार्यरत अधिकारियों, अभियंताओं, कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यस्थलों पर सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, सुरक्षा मानकों का पालन और सभी वैधानिक प्रावधानों को सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इसके बाद प्रमोद नारायण ने व्यासी जलविद्युत परियोजना के जुड्डो स्थित बांध का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बांध की संरचनात्मक स्थिति, जल निकासी एवं नियंत्रण प्रणाली, आपातकालीन चेतावनी तंत्र, बांध सुरक्षा उपकरणों तथा अनुरक्षण व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने बांध के सुरक्षित संचालन और प्रभावी अनुरक्षण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बांधों की दीर्घकालिक सुरक्षा और विश्वसनीय संचालन के लिए नियमित निरीक्षण, समयबद्ध अनुरक्षण तथा आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर यूजेवीएन लिमिटेड के अधिकारियों ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति, सुरक्षा उपायों और संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। भ्रमण के दौरान प्रमोद नारायण ने लखवाड़ परियोजना क्षेत्र में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया और विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
Reported By: Arun sharma












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