उत्तराखंड में सरकारी भूमि और नजूल संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर शासन ने सख्त रुख अपनाया है। आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी जमीनों और नजूल भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण से मुक्त रखने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। इस संबंध में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और प्रत्यक्ष बैठकों के माध्यम से विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि विकास प्राधिकरणों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य सरकारी भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को रोकना और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जहां भी अवैध कब्जे की शिकायत या सूचना प्राप्त हो, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।
आवास सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी भूमि के संरक्षण को लेकर गंभीर है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को अतिक्रमण के मामलों की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि सरकारी भूमि जनता की संपत्ति है और उसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए सभी विकास प्राधिकरणों को अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी, त्वरित और ठोस कार्रवाई करने के लिए कहा गया है, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
शासन के इस सख्त रुख को प्रदेश में सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण की शिकायतों के मद्देनजर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और भूमि प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
डॉ. आर राजेश कुमार, सचिव आवास
Reported By: Praveen Bhardwaj










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