उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश केवल एक चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और जीवन रक्षा का केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि एम्स ने राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच आसान बनाकर चिकित्सा क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं।
मंगलवार को एम्स ऋषिकेश के मुख्य सभागार में आयोजित ‘ट्रांसफॉर्मिंग लाइव्स थ्रू एडवांस ट्रॉमा केयर, ऑर्गन डोनेशन एंड नर्सिंग एक्सलेंस’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यपाल ने संस्थान की हेली मेडिकल इमरजेंसी सेवा और ट्रॉमा केयर सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों में बुझती जिंदगी को फिर से रोशन करने की शक्ति होती है और समाज को यह संकल्प लेना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे।
राज्यपाल ने नर्सिंग पेशे को मानव सेवा का सबसे सम्मानित माध्यम बताते हुए कहा कि नर्सें ममता और संवेदनशीलता के साथ मरीजों की देखभाल करती हैं। उन्होंने एम्स की हेलीबोर्न एम्बुलेंस, टेलीमेडिसिन और ड्रोन मेडिकल सेवा को राज्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए ट्रॉमा विभाग को “संकटमोचक विभाग” की संज्ञा दी।
कार्यक्रम में संस्थान की कार्यकारी निदेशक डॉ. मीनू सिंह ने ऑर्गन ट्रांसप्लांट, ट्रॉमा टेलीमेडिसिन और नर्सिंग सेवाओं की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान में अब तक 23 किडनी ट्रांसप्लांट और एक लीवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने एम्स में अंगदान करने वाले 3 दिवंगत ऑर्गन डोनरों और 12 लाइव ऑर्गन डोनरों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने अंगदान को मानवता का सबसे बड़ा दान बताते हुए लोगों से इस अभियान को आगे बढ़ाने की अपील की।
Reported By: Arun Sharma












Discussion about this post