विकासनगर में जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने सहकारी बैंक भर्ती में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत की कथित सरपरस्ती में ऑपरेटिव बैंक भर्ती घोटाला हुआ, जिसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन की बात सामने आई है। नेगी के अनुसार नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के बैंक खातों से 10 से 15 लाख रुपये तक के लेनदेन हुए, जिसकी पुष्टि खातों की जांच से हो सकती है।
नेगी ने कहा कि मोर्चा लगातार इस भर्ती घोटाले में हुए लेनदेन की जांच की मांग कर रहा है, लेकिन सहकारिता मंत्री की चुप्पी से मिलीभगत के संकेत मिलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारी बैंक चतुर्थ श्रेणी (सहयोगी/गार्ड) भर्ती 2022 में भारी अनियमितताएं, भाई-भतीजावाद और नियमों की अनदेखी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि गठित जांच समितियों ने देहरादून, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ की रिपोर्ट वर्ष 2022 में ही शासन को सौंप दी थी।
रघुनाथ सिंह नेगी ने बताया कि प्रदेश में 423 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती के दौरान कई जिलों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं, जिसकी पुष्टि सहकारिता विभाग के सचिव भी कर चुके हैं। मोर्चा ने राजभवन से एक बार फिर मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों, विशेषकर सहकारिता मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष, रघुनाथ सिंह नेगी
Reported By; Arun Sharma














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