देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डाॅ. जसविंदर पाल सिंह ने सरकारी जमीनों को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि यूआईडीबी के माध्यम से करीब 6 से 7 हजार बीघा सरकारी भूमि को नीलाम या लीज पर देने की तैयारी की जा रही है।
डाॅ. जसविंदर पाल सिंह ने कहा कि कांग्रेस ने प्रदेश के कई स्थानों पर सरकारी जमीन और गेस्ट हाउस को लीज पर देने से जुड़े तथ्यों को सामने रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की इस प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ने पूरे मामले में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए कहा कि यदि सरकार की यह योजना आगे बढ़ती है तो यह प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला साबित हो सकता है। उन्होंने सरकार से सरकारी जमीनों और संपत्तियों को लीज पर देने की प्रक्रिया, इसके उद्देश्य और शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को प्रदेशभर में जनता के बीच ले जाएगी। इसके लिए पार्टी की ओर से सभी जिलों में प्रेस वार्ताएं आयोजित कर सरकारी जमीनों से जुड़े मामले को जनता के सामने रखने की बात कही गई है।
डाॅ. जसविंदर पाल सिंह ने कहा कि सरकारी जमीन प्रदेश की सार्वजनिक संपत्ति है और इसके उपयोग या हस्तांतरण से जुड़े किसी भी निर्णय में पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
डाॅ. जसविंदर पाल सिंह, महानगर अध्यक्ष, कांग्रेस
Reported By: Shiv Narayan












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