कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी ने अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। कांग्रेस ने तय किया है कि अब उसके सभी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल शुरुआती दो पद ही गाए जाएंगे। पार्टी ने अपने इस निर्णय के पीछे वर्ष 1937 में हुए कांग्रेस अधिवेशन में पारित प्रस्ताव का हवाला दिया है।
कांग्रेस के इस फैसले पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब भी अपनी विदेशी मानसिकता से बाहर निकलने को तैयार नहीं है और संसद तथा संविधान की भावनाओं को भी नकार रही है।
मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने यह फैसला केवल एक विशेष समुदाय को खुश करने के उद्देश्य से लिया है। उन्होंने कहा कि भारत की संसद ने पूरे ‘वंदे मातरम’ को मान्यता दी है, लेकिन कांग्रेस को देश की जनता की भावनाओं से कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के निर्णय को देश की भावनाओं के विपरीत बताते हुए कहा कि राष्ट्रगीत का सम्मान सभी देशवासियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कांग्रेस पर राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर भी राजनीति करने का आरोप लगाया।
मथुरा दत्त जोशी, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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