मसूरी में सड़क किनारे होटलों के वाहनों की पार्किंग से बढ़ती जाम की समस्या को लेकर नगर पालिका ने सख्त रुख अपनाया है। पालिका प्रशासन ने होटल संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि उनके वाहन सार्वजनिक सड़कों पर खड़े पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मसूरी के प्रमुख पर्यटन स्थलों और मुख्य मार्गों पर आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर प्रसिद्ध कैमल्स बैक रोड, मोतीलाल नेहरू मार्ग, माल रोड और बार्लोगंज क्षेत्र में होटलों के वाहन सड़क किनारे खड़े किए जाने से यातायात बाधित होता है। इससे स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और पर्यटकों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मसूरी पुलिस यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने में पूरी तरह सफल नहीं हो पा रही है। पुलिस बल की कमी के चलते ट्रैफिक व्यवस्था का जिम्मा अधिकांशतः होमगार्ड और पीआरडी जवानों के भरोसे है, जिससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
बताया जा रहा है कि मसूरी में कई होटल ऐसे हैं, जहां 10 से 15 कमरों का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन वाहनों की पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते होटलों के वाहन सड़कों पर खड़े किए जाते हैं, जिससे जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग भी इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण स्कूली बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है, जबकि स्थानीय निवासी और पर्यटक भी लंबे समय तक जाम में फंसे रहते हैं। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इसका दोष नगर पालिका पर मढ़ दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि होटल संचालकों को एक माह के भीतर बैठक कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय के भीतर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो नगर पालिका नियमों के तहत संबंधित होटल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी
Reported By: Praveen Bhardwaj












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