खुद को वरिष्ठ अधिकारी और आईपीएस अफसर बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को राजपुर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अलग-अलग लोगों को नौकरी दिलाने और कंपनी का पंजीकरण कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की थी।
पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई को डाकरा बाजार, थाना कैंट निवासी अंशुल उपाध्याय ने थाना राजपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि यशोवर्धन नामक व्यक्ति ने स्वयं को वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए उन्हें साईं मंदिर के निकट स्थित होटल जिंजर में बुलाया। आरोपी ने उनकी दिवंगत माता की स्मृति में उनके नाम पर कंपनी का शीघ्र पंजीकरण कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपये ठग लिए। इस मामले में थाना राजपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर धाराएं 336(3), 338 और 340(2) भी जोड़ी गईं।
इसके बाद 15 जुलाई को सोशल स्टेज हॉस्टल, कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुषा ने भी राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि यशोवर्धन ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए फर्जी विजिटिंग कार्ड और पहचान पत्र दिखाए तथा रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसल्टेंट के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 4.60 लाख रुपये हड़प लिए। इस मामले में भी आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इसके बाद थाना राजपुर पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने दोनों मामलों में घटनास्थलों का निरीक्षण किया, आसपास और आने-जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा अन्य साक्ष्य जुटाए।
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 16 जुलाई को चेकिंग अभियान के दौरान सीएसआई तिराहा, मसूरी रोड से आरोपी यशोवर्धन को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसने इसी तरह की धोखाधड़ी की और कितनी घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही उसके नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रमोद कुमार एसपी सिटी देहरादून
Reported By: Shiv Narayan












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