
एक ओर पूरे उत्तराखंड में लोक पर्व हरेला के अवसर पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन हाईवे परियोजना के तहत प्रस्तावित बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को लेकर विरोध तेज हो गया है। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता दीपचंद उत्तराखंडी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की मांग की है।
दीपचंद उत्तराखंडी ने कहा कि हरेला जैसे प्रकृति और हरियाली के पर्व के दिन हजारों पेड़ों की कटाई की खबर बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि विकास कार्य आवश्यक हैं, लेकिन उन्हें पर्यावरण की कीमत पर नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अपने पितरों के नाम पर एक-एक पौधा लगाने की अपील करते हुए कहा कि पौधरोपण के साथ-साथ वर्षों पुराने पेड़ों को बचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
यूकेडी नेता ने आरोप लगाया कि फोरलेन परियोजना के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है और इस पूरी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की आशंका भी है। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए।
दीपचंद उत्तराखंडी ने केंद्र और राज्य सरकार से परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ों की कटाई पर पुनर्विचार करने तथा विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए वैकल्पिक समाधान तलाशने की मांग की।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी प्राकृतिक संपदा और हरियाली से है, इसलिए विकास योजनाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
देवचंद उत्तराखंडी, यूकेडी नेता
Reported By: Shiv Narayan













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