देहरादून। प्रांतीय विकास सेवा संगठन उत्तराखण्ड एवं ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बुधवार को ग्राम्य विकास, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भरत सिंह चौधरी से मुलाकात कर उत्तराखण्ड पंचायती राज अधिनियम-2016 में प्रस्तावित संशोधन को लेकर अपना पक्ष रखा।
प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र पंचायत सचिव के रूप में खण्ड विकास अधिकारी (बीडीओ) की वर्तमान व्यवस्था को यथावत बनाए रखने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों का कहना था कि बीडीओ के स्थान पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को सचिव बनाए जाने से क्षेत्र पंचायतों की कार्यकुशलता तथा विभागीय समन्वय प्रभावित हो सकता है।
मुलाकात के दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि विकास खण्डों के माध्यम से पिछले 75 वर्षों से ग्रामीण विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रभावी रूप से किया जा रहा है। ऐसे में वर्तमान व्यवस्था में बदलाव से प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि क्षेत्र पंचायत सचिव के रूप में बीडीओ की व्यवस्था को बरकरार रखा जाए, ताकि विकास कार्यों की निरंतरता और समन्वय बना रहे।
मंत्री भरत सिंह चौधरी ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए उनके सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
Reported By: Praveen Bhardwaj













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