देहरादून जिले के जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर के प्रवेश द्वार हरिपुर-कालसी स्थित ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन पुल के पिलर पर मां यमुना की मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले को लेकर वरिष्ठ भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने विभागीय अनुमति के बिना ऐतिहासिक पुल के पिलर पर मूर्ति स्थापित किए जाने पर आपत्ति जताई है।
रामशरण नौटियाल का कहना है कि मां यमुना की मूर्ति स्थापना के लिए स्थानीय नागरिकों द्वारा अलग से भूमि दान की गई है, इसलिए ऐतिहासिक धरोहर माने जाने वाले पुल के पिलर का उपयोग इस उद्देश्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मां यमुना की मूर्ति स्थापना के विरोधी नहीं हैं, बल्कि ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट मां यमुना घाट के निकट प्रस्तावित करीब 500 मीटर लंबे श्याम झूला पुल के निर्माण को देखते हुए भी ऐतिहासिक पुल के पिलर को सुरक्षित रखना आवश्यक है। इसी मांग को लेकर रामशरण नौटियाल धरने पर बैठ गए।
सूचना मिलने पर तहसीलदार मौके पर पहुंचीं और दोनों पक्षों की बात सुनी। प्रारंभिक जांच के बाद उन्होंने मामले की जांच पूरी होने तक मूर्ति निर्माण और स्थापना संबंधी कार्य पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जबकि क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है।
सुशीला कोटियाल, तहसीलदार, कालसी
रामशरण नौटियाल, भाजपा नेता
Reported By: Praveen Bhardwaj












Discussion about this post