
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी पीएचसी/सीएचसी में नियमित प्रसवपूर्व देखभाल और मासिक ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ के तहत विशेषज्ञ जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि एएनएम को विशेष प्रशिक्षण देकर स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट की संख्या बढ़ाई जाए और संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने खुशियों की सवारी और जननी सुरक्षा योजना जैसी योजनाओं की जानकारी महिलाओं तक पहुँचाने और अधिक से अधिक लाभान्वित करने पर जोर दिया।
साथ ही सभी हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी गर्भवती महिला स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे और किसी भी शिकायत का तत्काल निवारण हो। जिलाधिकारी ने महिलाओं और उनके परिवारों से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने और नियमित जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में आने की अपील की। प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि मातृत्व और शिशु मृत्यु दर न्यूनतम स्तर पर हो और हर माँ और बच्चे का जीवन सुरक्षित रहे।
Reported By: Gopal Nautiyal













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