
अपात्रता की श्रेणी में आने के बाद भी सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे राशन कार्ड धारकों के खिलाफ जिला पूर्ति विभाग कानूनी कार्रवाई करेगा। ऐसे अपात्र उपभोक्ताओं को स्वेच्छा से राशन कार्ड विभाग को सुपुर्द करने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही पूर्ति विभाग ने राशन कार्डों की जांच शुरू कर दी है।
डीएसओ केके अग्रवाल ने बताया पूर्व में 3600 राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। जो कि राशन कार्ड के मानकों के हिसाब से अपात्रता की श्रेणी में पाए गए। केंद्र सरकार के अंतर्गत संचालित हो रहे राष्ट्रीय खाद्य एवं अत्योदय के लिए वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये निर्धारित की गई है। जबकि राज्य खाद्य सुरक्षा योजना की पात्रता में आने के लिए वार्षिक आय पांच लाख निर्धारित की गई है।यदि व्यक्ति के परिवार की आय तीनों योजनाओं से अधिक है। तो उसे राशन कार्ड की पात्रता में शामिल नहीं किया जाएगा। बताया ब्लाक स्तर पर जो राशन कार्ड धारक खुद को अपात्र मानते हैं। उनको ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को राशन कार्ड सुपुर्द करना होगा। शहरवासियों को डीएसओ कार्यालय को राशन कार्ड सुपुर्द करना होगा। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पूर्ति कार्यालय ने अपात्र राशन कार्ड धारकों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है।
केके अग्रवाल डीएसओ
Reported By: Arun Sharma













Discussion about this post