शिक्षा विभाग में दिव्यांगजनों की आरक्षित सीटों पर कथित फर्जी नियुक्तियों का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि दिव्यांग कोटे में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्तियां होना बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला है, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रकरण में भाजपा सरकार और शिक्षा मंत्री की चुप्पी समझ से परे है।ब्लाइंड फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा जनहित याचिका दायर किए जाने के बाद मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद विभाग ने 51 संदिग्ध नियुक्तियों को नोटिस जारी किया है। कांग्रेस का कहना है कि नोटिस देने भर से जवाबदेही पूरी नहीं होती, क्योंकि नियुक्ति से लेकर प्रमाणपत्र सत्यापन तक पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार में लिप्त दिखाई देता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा का “जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन” सिर्फ एक राजनीतिक नारा साबित हुआ है और इस प्रकरण की निष्पक्ष व विस्तृत जांच आवश्यक है।
Reported By: Shiv Narayan














Discussion about this post