पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से जुड़े मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत ने कांग्रेस पार्टी से न तो इस्तीफा दिया है और न ही किसी पद से त्यागपत्र दिया है। उन्होंने केवल इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन भाजपा इसे अनावश्यक रूप से मुद्दा बना रही है।
गरिमा दसौनी ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले करीब 10 साल पुराने मामले में केंद्रीय एजेंसियों को सक्रिय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिस भर्ती घोटाले को लेकर सवाल उठा रही है, उसकी जांच खुद तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बिठाई थी। ऐसे में अब इतने पुराने मामले को चुनाव से पहले उठाए जाने पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने नोटबंदी के बाद भी कथित तौर पर 32 लाख रुपये वहीं पड़े रहने का हवाला देते हुए कहा कि इस पूरे मामले को लेकर कई सवाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस-जिस राज्य में चुनाव नजदीक आते हैं, वहां केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता बढ़ जाती है।
गरिमा दसौनी ने हरीश रावत के राजनीतिक संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि वह “फीनिक्स” हैं, जो बार-बार राख से पुनर्जीवित होकर सामने आते हैं। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों पर मजबूती से अपनी बात रखेगी।
गरिमा दसौनी, मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस
Reported By: Shiv Narayan












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