ग्राम सभा भट्टा क्यारकुली में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान श्री नाग देवता की भव्य डोली निकाली गई। डोली यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे शामिल हुए। श्रद्धालु नाचते-गाते और नाग देवता के जयकारे लगाते हुए प्राचीन नाग देवता मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ डोली को मंदिर में स्थापित किया गया।
नाग देवता की डोली यात्रा के दौरान ग्रामीणों की आस्था और भक्ति देखते ही बनी। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से भी श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया। ग्रामीणों का मानना है कि नाग देवता की कृपा हमेशा गांव और क्षेत्र के लोगों पर बनी रहती है।
बताया जाता है कि प्राचीन नाग देवता मंदिर में दशकों से डोली आयोजन की परंपरा चली आ रही है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भागवत कथा का आयोजन भी शुरू हो गया है, जो महाशिवरात्रि तक चलेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की उम्मीद है।
नाग देवता के प्रकट होने की मान्यता
स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस स्थान पर स्वयं नाग देवता प्रकट हुए थे। ग्रामीणों के मुताबिक, एक गाय ने यहां नाग देवता का दुग्ध अभिषेक किया था, जिसके बाद इस स्थान पर नाग मंदिर की स्थापना की गई। तभी से नाग पंचमी के अवसर पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
ग्रामीण आशीष रावत ने बताया कि वर्षों से नाग देवता की डोली निकालने की परंपरा चली आ रही है। इसमें हर साल सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं और नाग देवता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्राचीन मंदिर की अपनी विशेष मान्यता है और ग्रामीणों की नाग देवता में गहरी आस्था है।
वहीं ग्रामीण सुंदर कोठाल ने कहा कि नाग देवता के प्रति क्षेत्रवासियों की अटूट श्रद्धा है। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन करने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास है कि नाग देवता से सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आशीष रावत श्रद्धालु
सुन्दर कोठाल श्रद्धालु
Reported By: Praveen Bhardwaj












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