देहरादून : गुजरात की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी मंत्रिमंडल फेरबदल का सस्पेंस गहराता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संगठनात्मक समन्वय और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के तहत अपने सभी मंत्रियों से त्यागपत्र (resignation) मांगने पर विचार कर सकते हैं, ताकि सरकार को नए सिरे से सशक्त रूप दिया जा सके । यह कदम न केवल शासन को और प्रभावी बनाने बल्कि नई ऊर्जा के साथ विकास कार्यों में तेजी लाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे और शीर्ष नेतृत्व से प्रस्तावित चर्चाओं ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। भाजपा के अंदर संगठन-संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन पर चर्चा जारी है । यदि सच में सामूहिक इस्तीफों के बाद पुनर्गठन होता है, तो यह उत्तराखंड में हाल के वर्षों का सबसे बड़ा मंत्रिमंडल पुनर्गठन माना जाएगा।
प्रदेश में इस समय पाँच मंत्री पद रिक्त हैं, जबकि भाजपा आलाकमान चाहता है कि “मिशन 2027” के तहत युवा और महिला प्रतिनिधित्व के साथ मंत्रिमंडल को नये सिरे से सजाया जाए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री धामी भाजपा की “गुजरात मॉडल नीति” से प्रेरित होकर ऐसा कदम उठा सकते हैं, जिसमें पुराने चेहरों के स्थान पर नई ऊर्जा और कार्यकुशलता को तरजीह दी जाएगी ।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड की राजनीति इस समय एक निर्णायक मोड़ पर है — जहाँ सत्तारूढ़ भाजपा रणनीतिक बदलावों के जरिये आने वाले वर्षों में शासन, संगठन और जनविश्वास तीनों को संतुलित करने की कोशिश में है।
Reported BY: Praveen Bhardwaj














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