संसद परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर प्रदर्शन किए जाने और उससे जुड़े कथित मजाक को लेकर सांसद पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे भगवा का अपमान बताया है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भगवा सनातन परंपरा, त्याग और तपस्या का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया गया, उसका भगवा से कोई संबंध नहीं था, ऐसे में भगवा वस्त्रों का इस तरह इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी ने जानबूझकर भगवा का अपमान किया है तो संत समाज इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। श्रीमहंत हरिगिरि ने कहा कि अखाड़ा परिषद इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इसके विरोध में आंदोलनात्मक कदम उठाने पर भी विचार किया जा रहा है।
महामंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अखाड़ा परिषद सांसद पप्पू यादव को गधे पर बैठाकर शहर में घुमाने जैसे विरोध कार्यक्रम का भी आयोजन कर सकती है। उन्होंने कहा कि भगवा के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और संत समाज इसके लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगा।
अखाड़ा परिषद की इस चेतावनी के बाद मामला राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर सांसद पप्पू यादव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रवींद्र पुरी महाराज अध्यक्ष अखाड़ा परिषद
स्वामी यतींद्रानंद गिरी महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा
Reported By: Praveen Bhardwaj











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