
जोशीमठ क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों के शव देर रात सेना ने अपने कब्जे में ले लिए थे। हालांकि, अंधेरा होने और घटनास्थल तक पहुंचने वाले दुर्गम रास्ते के कारण शवों को रात में सड़क तक लाना संभव नहीं हो सका। इसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा।
शनिवार सुबह एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और भारतीय सेना के जवान दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे और शवों को सड़क तक पहुंचाने का अभियान शुरू किया। घटनास्थल सड़क से करीब 10 से 12 किलोमीटर पैदल दूरी पर स्थित है। ऐसे में जवानों को शवों को दुर्गम पहाड़ी रास्तों से नीचे लाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
प्रशासन के अनुसार, हादसे में मारे गए सभी छह लोगों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में हैं। इस कारण रेस्क्यू अभियान में अधिक समय लग रहा है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए रेस्क्यू टीमें पूरी सतर्कता के साथ अभियान में जुटी हैं।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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