
दीपावली के ठीक बाद उत्तराखंड में रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदेश के सभी डिपो में चालक और परिचालक काम बंद कर धरने पर बैठ गए हैं। इसके चलते रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित हो गया है और लंबी दूरी की कई बसें डिपो में खड़ी हैं।
देहरादून आईएसबीटी में भी सैकड़ों कर्मचारियों ने धरना देकर परिवहन निगम और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। आरोप है कि निजी वाहन संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें नई नहीं हैं। पिछले तीन महीने अगस्त, सितंबर और अक्टूबर का वेतन लंबित है। वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा छह सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। इस संबंध में कई बार परिवहन निगम के एमडी से लेकर संबंधित मंत्री तक ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद निगम प्रबंधन और सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसी कारण उन्हें मजबूर होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रांतीय उपाध्यक्ष केपी ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सुनवाई नहीं की तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा और कर्मचारी बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
त्योहारी सीजन में रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से सबसे ज्यादा परेशानी आम यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को उठानी पड़ रही है। अब देखना होगा कि सरकार और परिवहन निगम प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों पर कब तक निर्णय लेते हैं और बसों का संचालन कब सामान्य हो पाता है।
केपी, प्रांतीय उपाध्यक्ष, रोडवेज कर्मचारी यूनियन।
Reported By: Praveen Bhardwaj













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