
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पापड़गाड़ के समीप हुए भू-धंसाव की घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने राजमार्ग पर हुए धंसाव, कटाव से उत्पन्न खतरे और यातायात व्यवस्था का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद सीमा सड़क संगठन (BRO) और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से भू-धंसाव की तकनीकी स्थिति की जानकारी ली तथा सुरक्षा उपायों की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजमार्ग के संवेदनशील हिस्सों से मलबा हटाने और सुरक्षात्मक कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। प्रशासन के अनुसार फिलहाल गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही बहाल कर दी गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि तीर्थयात्रियों, स्थानीय लोगों और वाहनों की सुरक्षित आवाजाही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भू-धंसाव वाले क्षेत्र के दोनों ओर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के भी निर्देश दिए, ताकि यातायात सुचारु रहे और किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।
इसके साथ ही जिला आपदा कंट्रोल रूम को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और मार्ग की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन और सीमा सड़क संगठन की टीमें मौके पर लगातार कार्य कर रही हैं तथा भारी मशीनों की सहायता से मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु बनाने का कार्य जारी है।
उन्होंने आम जनता और यात्रियों से अपील की कि यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य
Reported By: Gopal nautiyal













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