आगामी 12 सितम्बर को देहरादून जिले के सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तराखंड के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित होने वाली इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति और रजामंदी के आधार पर मुकदमों का त्वरित निस्तारण करना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस लोक अदालत में विशेष रूप से शमनीय (कंपाउंडेबल) प्रकृति के यातायात चालानों का निपटारा किया जाएगा। इनमें तेज गति से वाहन चलाना, बिना डीएल, बिना बीमा, बिना आरसी, बिना सीटबेल्ट और बिना हेलमेट के वाहन चलाने से संबंधित चालान शामिल हैं। वहीँ उन्होंने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रिंक एंड ड्राइव) और नाबालिक द्वारा वाहन चलाने से संबंधित चालान कंपाउंडेबल प्रकृति के नहीं हैं, इसलिए इन्हें राष्ट्रीय लोक अदालत में शामिल नहीं किया जाएगा।
यातायात चालानों के अलावा चेक बाउंस, सिविल प्रकृति के विवाद, मोटर दुर्घटना क्लेम, एमवी एक्ट के कंपाउंडिंग चालान, श्रम संबंधी विवाद, बिजली-पानी के विवाद तथा पारिवारिक व अन्य समझौते योग्य वादों का निस्तारण भी इस लोक अदालत में किया जाएगा। प्राधिकरण ने सभी संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि वे 12 सितंबर से पहले स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर इस अवसर का लाभ उठाएं।
सीमा डुंगराकोटी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून
Reported By: Shiv Narayan












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