उत्तराखंड के बहुचर्चित एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून स्थित बीयूडीएस अधिनियम की विशेष अदालत में 18 आरोपियों और संस्था के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है।
सीबीआई के अनुसार, वर्ष 2016 से एलयूसीसी ने उत्तराखंड में 50 से अधिक शाखाओं के माध्यम से कथित तौर पर पोंजी स्कीम चलाकर करीब एक लाख निवेशकों से लगभग 800 करोड़ रुपये जमा कराए। जांच में सामने आया कि निवेशकों के साथ 400 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई।
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जांच एजेंसी ने मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल को इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बताया है। आरोप है कि उसने फर्जी कंपनियों के जरिए निवेशकों का पैसा इधर-उधर ट्रांसफर कराया। सीबीआई के मुताबिक समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल विदेश फरार हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए नोटिस और लुकआउट सर्कुलर जारी किए गए हैं।
सीबीआई ने जांच के दौरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में आरोपियों से जुड़ी 39 संपत्तियों की पहचान की है, जिनमें से 29 संपत्तियों की अनंतिम कुर्की की जा चुकी है, जबकि शेष संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया जारी है। मामले की आगे की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
Reported By: Arun sharma












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