
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नैनीताल में दूसरे दिन के दौरे पर नैनीताल गुरुद्वारा पहुंचे और मत्था टेका है। सीएम धामी ने किर्तन सभा में प्रतिभाग किया। सीएम ने कहा कि साबहजादों का बलिदान हमेशा याद किया जायेगा। इस परिवार ने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया और दिवारों में चुना जाना स्वीकार किया लेकिन धर्म के साथ समझौता नहीं किया है। लोगों को भी इनके बारे में जानना चाहिए। दरअसल बाल वीर दिवस मनाने के पीछे देश के बच्चों को युवाओं को साहिबजादों के बलिदान से परिचय कराना है।
कहा जाता है कियह दिवस सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादों—साहिबजादा जोरावर सिंह (9 वर्ष) और साहिबजादा फतेह सिंह (7 वर्ष)—की अद्वितीय वीरता और बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। मुगल शासक वज़ीर ख़ान के अत्याचारों के सामने दोनों बालक धर्म और सत्य से डिगे नहीं और 1705 में सरहिंद में उन्हें दीवार में ज़िंदा चुनवा दिया गया।
पुष्कर सिंह धामी सीएम उत्तराखण्ड
Reported By: Praveen Bhardwaj













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