संसद परिसर में शुक्रवार को विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष के सांकेतिक प्रदर्शन के बाद राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने इसे सनातन परंपराओं और साधु-संत समाज का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की है।
दरअसल, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में दान पेटी लेकर संसद परिसर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई अन्य नेताओं ने उस दान पेटी में सांकेतिक रूप से चंदा डाला। इसके बाद पप्पू यादव दान पेटी लेकर आगे बढ़ने लगे, तभी अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने उन्हें पकड़ लिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ।
इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि विपक्ष ने संसद और मकर द्वार जैसे गरिमामय स्थल को “घिनौनी हरकतों का अड्डा” बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह का प्रदर्शन करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।
बंसल ने कहा कि सनातन परंपरा में श्रद्धालु दान देते समय पूरी श्रद्धा और मर्यादा का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों में लोग जूते-चप्पल उतारकर दान अर्पित करते हैं, जबकि संसद परिसर में जूते पहनकर दान पेटी में चंदा डालना धार्मिक परंपराओं का अनादर है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि विपक्ष में वास्तव में साहस है तो वह अन्य धर्मों के प्रतीकों के साथ भी ऐसा प्रदर्शन करके दिखाए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की राजनीतिक गतिविधियां केवल सनातन धर्म और साधु-संतों के सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम करती हैं।
संसद परिसर में हुए इस प्रदर्शन और उस पर आई राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बाद यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विपक्ष जहां इसे सांकेतिक विरोध बता रहा है, वहीं भाजपा नेताओं ने इसे धार्मिक आस्था और संसदीय गरिमा के खिलाफ बताया है।
नरेश बंसल, राज्यसभा, सांसद
Reported By: Praveen Bhardwaj












Discussion about this post