मंगलौर क्षेत्र के दहयाकी गांव स्थित शिव मंदिर को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। मंदिर से हटाए गए महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का दावा है कि वायरल वीडियो में महंत को पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में एक लाख रुपये की राशि दी जाती हुई स्पष्ट दिखाई दे रही है, जिससे उनके लगाए गए आरोप झूठे साबित होते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी ने मीडिया के सामने आरोप लगाया था कि मंदिर से हटाए जाने के बाद उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या राशि नहीं दी गई। हालांकि, अब सामने आए वीडियो में पुलिस की मौजूदगी में उन्हें एक लाख रुपये सौंपे जाने का दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
इधर, गांव के लोगों ने मंदिर में नए पुजारी की नियुक्ति के बाद पुराने धार्मिक ध्वज (झंडे) बदलवाए और विधि-विधान के साथ हवन-पूजन संपन्न कराया। इस दौरान ग्रामीणों ने महंत द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि राशि प्राप्त करने के बावजूद उनके खिलाफ झूठे और भ्रामक आरोप लगाए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्होंने मंगलौर कोतवाली में तहरीर देकर महंत यति रामस्वरूपानंद गिरी और उनके समर्थन में कार्य कर रहे कुछ लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल मामले में पुलिस को शिकायत सौंप दी गई है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विक्रांत (ग्राम प्रधान दहयाकी )
ग्रामीण
Reported By: Arshad Hussain











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