
उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकोस्ट) के सहयोग से सीआईएमएस कॉलेज के सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग द्वारा “उत्तराखण्ड के औषधीय पौधे, प्राकृतिक उत्पाद एवं उनका औषधि उद्योग में योगदान” विषय पर आयोजित दो दिवसीीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन हुआ। सम्मेलन में औषधीय पौधों के संरक्षण, शोध और व्यावसायिक संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की गई।
समापन अवसर पर सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि ऐसे सम्मेलन विद्यार्थियों को शोध और नवाचार से जोड़ने का प्रभावी मंच हैं। उन्होंने यूकोस्ट के सहयोग के लिए आभार जताया।
पहले दिन मुख्य वक्ता के रूप में कॉलेज ऑफ अप्लाइड साइंस, रास बिहारी बोस सुभारती यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉ. संदीप ध्यानी ने तिमूर, किल्मोड़ा, हिसालू, हरड़, बेड़ू और तिमला जैसे पर्वतीय औषधीय पौधों के गुणों और उनके औद्योगिक उपयोग पर प्रकाश डाला।
दूसरे दिन श्री गुरु राम राय यूनिवर्सिटी की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कमला ध्यानी ने दैनिक जीवन में औषधीय पौधों के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक शोध से जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
Reported By: Arun Sharma













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