सहकारिता मंत्री Dhan Singh Rawat ने कहा है कि सहकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों तक योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी लंबित कार्यों को हर हाल में 15 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर में आयोजित सहकारिता विभाग की गढ़वाल मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में गढ़वाल मंडल के सभी विभागीय अधिकारी, जिला सहकारी बैंकों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में भंडारण योजना, राष्ट्रीय सहकारी समितियों की सदस्यता वृद्धि अभियान, माधो सिंह भंडारी संयुक्त सहकारी खेती योजना, इम्पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, जन सुविधा केंद्र, जन औषधि केंद्र, जल जीवन मिशन, स्टेट मिलेट्स मिशन, मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना, ऋण वितरण, पैक्स एवं एफपीओ समेत अनेक योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
सहकारिता मंत्री ने माधो सिंह भंडारी संयुक्त सहकारी खेती योजना को और अधिक व्यापक स्वरूप देने के निर्देश देते हुए कहा कि पौड़ी, टिहरी, देहरादून और चमोली में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने इस मॉडल को प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि अधिकांश सहकारी समितियों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मंत्री ने जन औषधि केंद्रों के विस्तार और बेहतर संचालन के लिए भी विशेष प्रयास करने को कहा।
स्टेट मिलेट्स मिशन की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि गढ़वाल मंडल में 95 क्रय केंद्रों के माध्यम से 9,769 किसानों से लगभग 4,325 मीट्रिक टन मिलेट्स की खरीद की गई है। टिहरी और चमोली जनपदों ने इस योजना में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। मंत्री ने निर्देश दिए कि मिलेट्स मिशन के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए राज्य स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना की समीक्षा करते हुए डॉ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पशुपालकों तक पहुंचे और पात्र लाभार्थियों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
बैठक में मंत्री ने प्रत्येक जनपद में एक-एक आदर्श सहकारिता ग्राम विकसित करने की नई पहल की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इन ग्रामों में ग्रामीणों को खाद, बीज, बैंकिंग सेवाएं, टिकट बुकिंग, बिजली और टेलीफोन बिल भुगतान सहित विभिन्न डिजिटल सुविधाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा जिला सहकारी बैंकों में नई शाखाओं के विस्तार की प्रक्रिया तेज करने और ऋण वसूली को बढ़ावा देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना की संभावनाओं का अध्ययन करने हेतु समिति गठित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कंप्यूटराइजेशन सहित सभी लंबित कार्यों को 15 जून तक पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समयसीमा के बाद लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सहकारिता मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहकारिता विभाग की सफल योजनाओं, नवाचारों और लाभार्थियों की प्रेरणादायक कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग सहकारिता आंदोलन से जुड़ सकें और योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
Reported By; Arun sharma












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