कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में मुख्य सड़कों पर वन्यजीवों के वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट करना अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। कॉर्बेट प्रशासन ने वन्यजीवों की मौजूदगी वाले स्थानों पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में प्रशासन ने पांच लोगों को नोटिस जारी किए हैं।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से लगी सीमाओं और आसपास के क्षेत्रों में अक्सर वन्यजीव सड़क के एक छोर से दूसरे छोर तक गुजरते दिखाई देते हैं। खासकर बाघों की आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यटकों में काफी उत्सुकता रहती है। ऐसे में कई लोग वन्यजीवों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर देते हैं।
सोशल मीडिया पोस्ट से जुट सकती है भीड़
कॉर्बेट प्रशासन के मुताबिक, समस्या सिर्फ वीडियो बनाने तक सीमित नहीं है। कई सोशल मीडिया पोस्ट में वन्यजीव के दिखाई देने का स्थान और संभावित समय तक बताया जाता है। कुछ पोस्ट में यह भी लिखा जाता है कि बाघ सुबह या शाम किस समय के आसपास दिखाई दे सकता है। ऐसी जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुटने की आशंका बढ़ जाती है।
भीड़ के कारण वन्यजीवों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ ही राहगीरों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। अचानक सड़क पर वन्यजीव के आने और उसके आसपास लोगों के जमा होने से किसी अप्रिय घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ लोगों की सुरक्षा भी जरूरी
कॉर्बेट प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों की मौजूदगी वाले स्थानों पर वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से बचें। प्रशासन का कहना है कि वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर सोशल मीडिया पर ऐसी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए, जिससे मौके पर अनावश्यक भीड़ जमा हो।
प्रशासन की ओर से जारी नोटिसों को इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। कॉर्बेट से सटे क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही के दौरान लोगों से सतर्क रहने और वन्यजीवों को सुरक्षित दूरी से गुजरने देने की अपील की गई है।
डॉ0 साकेत बडोला
निदेशक
कोर्बेट नैशनल पार्क
Reported By: Praveen Bhardwaj












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