हल्द्वानी। विश्व प्रसिद्ध कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। शिवभक्तों के लिए राहत भरी खबर है कि इस वर्ष यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का पहला दल दिल्ली से रवाना होकर 4 जुलाई को उत्तराखंड के टनकपुर पहुंचेगा। यात्रा के सफल संचालन के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
केएमवीएन के महाप्रबंधक मनीष कुमार ने बताया कि टनकपुर से नावीढांग तक यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के ठहरने, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। प्रशासन और निगम की टीमें लगातार यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर रही हैं, ताकि यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए कुल 10 दलों का गठन किया गया है। प्रत्येक दल में 50 श्रद्धालु शामिल होंगे। इस प्रकार कुल 500 श्रद्धालु इस वर्ष पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करेंगे।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में होने वाली इस कठिन यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य परीक्षण और सुरक्षा व्यवस्थाओं को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। यात्रियों की चिकित्सकीय जांच, आपातकालीन चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा संचालित की जाती है और इसे देश की सबसे प्रतिष्ठित एवं चुनौतीपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक माना जाता है। दिल्ली से प्रारंभ होकर वापस लौटने तक इस यात्रा को पूरा करने में लगभग 18 से 22 दिनों का समय लगता है।
यह यात्रा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से होकर भारत-तिब्बत सीमा पार करते हुए चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत क्षेत्र में प्रवेश करती है। उत्तराखंड के हिस्से में पड़ने वाले टनकपुर से नावीढांग तक के पूरे मार्ग पर आवास, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी कुमाऊं मंडल विकास निगम के पास है।
यद्यपि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिक्किम के नाथुला दर्रे और नेपाल मार्ग का विकल्प भी उपलब्ध है, लेकिन पिथौरागढ़ से होकर गुजरने वाला उत्तराखंड मार्ग ऐतिहासिक और पौराणिक दृष्टि से सबसे प्राचीन माना जाता है। इस मार्ग पर यात्रियों को कुमाऊं की मनमोहक वादियों, हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों का अद्भुत अनुभव प्राप्त होता है।
प्रशासन और केएमवीएन का दावा है कि इस वर्ष यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएंगी।
मनीष कुमार महाप्रबंधक KMVN
Reported By: Praveen Bhardwaj












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