मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में पुलिस कार्मिकों के कल्याण और मनोबल को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा पदोन्नति प्रक्रिया को लगातार गति दी जा रही है। इसी क्रम में नागरिक पुलिस एवं अभिसूचना संवर्ग के 15 उपनिरीक्षकों को निरीक्षक पद पर पदोन्नत किया गया है।
उत्तराखंड पुलिस में विभागीय पदोन्नति के दृष्टिकोण से वर्ष 2025 और 2026 को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार वर्ष 2025 में 1,000 से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 580 कार्मिक पदोन्नत हो चुके हैं। इस प्रकार पिछले दो वर्षों में नागरिक पुलिस, अभिसूचना, सशस्त्र पुलिस, दूरसंचार और अग्निशमन सेवा सहित विभिन्न शाखाओं के कुल 1,640 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पदोन्नति प्रदान की गई है।
वर्ष 2026 में अब तक विभिन्न पदों पर हुई पदोन्नतियों में 13 पुलिस उपाधीक्षक (कनिष्ठ वेतनमान), 2 पुलिस उपाधीक्षक (एम), 26 निरीक्षक, 144 उपनिरीक्षक, 63 अपर एवं सहायक उपनिरीक्षक तथा 332 मुख्य आरक्षी शामिल हैं।
पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ ने सभी पदोन्नत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समयबद्ध पदोन्नति से पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और कार्यक्षमता में भी सकारात्मक वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि पदोन्नति से कर्मचारियों में नई ऊर्जा और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, जिसका सीधा लाभ पुलिस व्यवस्था को मिलता है।
डीजीपी ने गृह एवं कार्मिक विभाग, उत्तराखंड शासन तथा पुलिस मुख्यालय के कार्मिक अनुभाग की सराहना करते हुए कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने निर्धारित समयावधि में पदोन्नति प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया है।
उन्होंने विश्वास जताया कि पदोन्नत अधिकारी और कर्मचारी नई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और दक्षता के साथ करते हुए उत्तराखंड पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।
उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय का मानना है कि नियमित और पारदर्शी पदोन्नति प्रक्रिया न केवल कर्मचारियों के हित में है, बल्कि इससे संगठन की कार्यकुशलता और जनसेवा की गुणवत्ता में भी निरंतर सुधार होता है।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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