वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून के काष्ठ कर्म एवं परिष्करण अनुभाग, वनोपज प्रभाग में 20 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक आयोजित पाँच दिवसीय अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम “वुड कोटिंग्स” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस प्रशिक्षण में कुल 23 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो विभिन्न शैक्षणिक एवं औद्योगिक पृष्ठभूमियों से जुड़े थे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लकड़ी की सतह परिष्करण और कोटिंग तकनीकों के क्षेत्र में प्रतिभागियों के तकनीकी ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करना था। देश के विभिन्न हिस्सों से आए पेशेवरों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा उद्योग प्रतिनिधियों ने इसमें सक्रिय सहभागिता की। विशेष रूप से इस्तांबुल से आई एक प्रतिभागी की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय आयाम भी प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सतह की तैयारी, विभिन्न प्रकार के वुड कोटिंग्स, पर्यावरण-अनुकूल फिनिशिंग प्रणालियाँ, आधुनिक अनुप्रयोग तकनीकें, रंग मापन, टिकाऊपन का आकलन, तथा कोटिंग से संबंधित दोषों की पहचान एवं उनके सुधार के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
एफआरआई के विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यानों के साथ-साथ प्रायोगिक सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को आधुनिक वुड कोटिंग तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त, इंटरैक्टिव चर्चा और लाइव डेमोंस्ट्रेशन ने कार्यक्रम को और अधिक रोचक एवं ज्ञानवर्धक बना दिया।
समापन सत्र के दौरान डी.पी. खाली, ग्रुप को-ऑर्डिनेटर रिसर्च, एफआरआई ने काष्ठ कर्म एवं परिष्करण अनुभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने वानिकी एवं लकड़ी आधारित उद्योगों में सतत और उच्च प्रदर्शन वाली कोटिंग प्रणालियों के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ। साथ ही, भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के आयोजन के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
Reported By: Arun sharma












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