समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजय कुमार ने मंगलवार को रायवाला स्थित राजकीय नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर वहां संचालित उपचार, परामर्श और पुनर्वास सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में उपलब्ध चिकित्सीय सुविधाओं, साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था तथा अभिलेखों के रखरखाव का गहन अवलोकन करते हुए अधिकारियों को सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान निदेशक ने केंद्र में भर्ती लाभार्थियों से संवाद कर उनके स्वास्थ्य, उपचार और पुनर्वास से जुड़े अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक लाभार्थी को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उनका प्रभावी उपचार और पुनर्वास सुनिश्चित हो सके।
संजय कुमार ने कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। ऐसे में नशा मुक्ति केंद्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को केवल उपचार तक सीमित न रखते हुए प्रभावी परामर्श और पुनर्वास का सशक्त माध्यम बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा मुक्ति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, पुनर्वास सेवाओं को और मजबूत करने तथा केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही केंद्र में स्वच्छता, अनुशासन और निर्धारित मानकों के अनुरूप सेवाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक समाज कल्याण जी.आर. नौटियाल, उपनिदेशक वासुदेव आर्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल तथा राजकीय नशा मुक्ति केंद्र रायवाला की केंद्र प्रभारी डॉ. वैशाली भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने निदेशक को केंद्र की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों और संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी भी दी।
समाज कल्याण विभाग ने इस अवसर पर “नशा मुक्त उत्तराखंड” के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि राज्य में नशा मुक्ति और पुनर्वास सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।











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