गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी वर्ष, बाबूजी महाराज की 127वीं जयंती और तुकडोजी महाराज की 117वीं जयंती के उपलक्ष्य में कान्हा शांति वनम स्थित हार्टफुलनेस मुख्यालय में भव्य आयोजन किया गया। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन परिसर शबद कीर्तन और सामूहिक ध्यान से गूंज उठा।
संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार और हार्टफुलनेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से 30,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि विश्वभर से अनेक लोग वर्चुअल माध्यम से जुड़े। प्रतिभागियों ने गुरु तेग बहादुर जी के जीवन पर आधारित फिल्म, प्रदर्शनी और प्रेरणादायक प्रवचनों का लाभ उठाया।
कार्यक्रम में राम नाथ कोविंद, गुरमीत सिंह, गजेंद्र सिंह शेखावत सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रख्यात गायक डॉ. अलंकार सिंह ने शबद कीर्तन प्रस्तुत किया। इसके बाद सामूहिक ध्यान सत्र का संचालन दाजी द्वारा किया गया।
अपने संबोधन में राम नाथ कोविंद ने कहा कि भारत महान आध्यात्मिक गुरुओं की भूमि है और गुरु तेग बहादुर की शिक्षाएं मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा का संदेश देती हैं। वहीं दाजी ने कहा कि यह अवसर आत्मचिंतन और सामूहिक ध्यान के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
यह आयोजन विभिन्न धर्मों और विचारों के लोगों को एक मंच पर लाकर एकता, सेवा और आध्यात्मिकता का संदेश देने का प्रयास है, जिसमें गुरु तेग बहादुर जी के साहस, बाबूजी महाराज की साधना और तुकडोजी महाराज की सेवा भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला।
Reported By: Arun Sharma














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