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जिले में नशीली दवाओं और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर केके मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें नशे की समस्या से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों का मुद्दा केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
नशे की रोकथाम के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इनमें शिक्षण संस्थानों के आसपास सीसीटीवी निगरानी बढ़ाना, एंटी-ड्रग्स कमेटियों को सक्रिय करना और हेल्पलाइन नंबर 1933, एनसीवी मानस पोर्टल तथा जिला डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन 9625777399 का व्यापक प्रचार शामिल है। उद्देश्य यह है कि नशे से जूझ रहे लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
युवाओं में केमिकल ड्रग्स के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए प्रशासन ने इसे समाज के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बताया। इसके मद्देनजर एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी और औषधि विभाग को एकजुट होकर ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में औचक निरीक्षण और संदिग्ध मामलों की रैंडम सैंपलिंग कराने के निर्देश भी दिए गए। हाल ही में चलाए गए ड्रग्स टेस्टिंग अभियान के तहत 711 छात्रों के सैंपल लिए गए, जिनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
नशामुक्ति केंद्रों की स्थिति की समीक्षा में सामने आया कि जिले में 84 पंजीकृत और 2 अपंजीकृत केंद्र हैं, जिनमें से 23 बंद पाए गए और 15 में अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई। साथ ही रायावाला स्थित 30 बेड के नशामुक्ति केंद्र में 6 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 14 का इलाज जारी है।
ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए गए हैं और बिना फार्मासिस्ट के दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। पुलिस विभाग ने भी मानस हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
Reported By: Shiv Narayan












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