श्री बदरीनाथ धाम में शीतकालीन कपाट बंद करने की प्रक्रिया आज शुक्रवार से प्रारंभ हो गई। परंपरा के अनुसार पहले दिन विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री गणेश जी के कपाट शाम को विधिवत बंद कर दिए गए। सुबह गणेश जी की मूर्ति को उनके मंदिर से गर्भ गृह में दर्शनार्थ रखा गया और शाम पाँच बजे गणेश मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट बंद करने की तैयारियां चल रही हैं। पंचपूजा में रावल अंबरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल और वेदपाठी रविंद्र भट्ट एवं अमित बंदोलिया ने पूजा-अर्चना संपन्न की। बीकेटीसी के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि शनिवार को श्री आदि केदारेश्वर और श्री आदिगुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद होंगे। रविवार 23 नवंबर को वेद ऋचाओं का वाचन बंद होगा, 24 नवंबर को माता लक्ष्मी जी को आमंत्रित किया जाएगा और 25 नवंबर अपराह्न 2:56 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकालीन रूप से बंद कर दिए जाएंगे।
Reported By: Arun Sharma














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