कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर उत्तरकाशी के ज्ञानसू स्थित शौर्य स्थल पर देश के वीर शहीदों की स्मृति में भव्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सेना, अर्द्धसैनिक बलों, पुलिस तथा स्थानीय नागरिकों ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्य समारोह में गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र सहित अन्य अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने कारगिल शहीद दिनेश चंद्र कुमांई के चित्र पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कुमाऊं रेजिमेंट, आईटीबीपी, उत्तराखंड पुलिस और एनसीसी की टुकड़ियों ने शहीदों के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया। समारोह में शहीद राइफलमैन दिनेश चंद्र कुमांई की धर्मपत्नी वीरनारी अनीता देवी को शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस, शौर्य और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा और देशप्रेम के लिए प्रेरित करता रहेगा तथा युवाओं को उनके आदर्शों से सीख लेनी चाहिए।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सैनिकों ने अद्भुत पराक्रम का प्रदर्शन कर देश की सीमाओं की रक्षा की और भारत का गौरव बढ़ाया। उन्होंने शहीदों के त्याग को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।
समारोह के दौरान देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गीतों की प्रस्तुति ने वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। साथ ही पूर्व सैनिकों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। ज्ञानसू में आयोजित शौर्य दिवस समारोह ने क्षेत्रवासियों को कारगिल के वीर शहीदों के बलिदान को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर प्रदान किया।
Reported By: Gopal Nautiyal












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