हरिद्वार/देहरादून: उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद सामने आए देश के पहले हलाला मामले ने कानूनी और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इस मामले में अब पीड़िता शाहीन के समर्थन में सरकारी तंत्र भी पूरी मजबूती से खड़ा दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम खुद पीड़िता से मिलने हरिद्वार जिले के बुग्गावाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत बंदरजुड़ गांव पहुंचीं।
वहाँ उन्होंने पीड़ित महिला और उसके परिवार से मुलाकात कर उनका ढांधस बंधाया और साफ शब्दों में कहा कि इस नई कानूनी व्यवस्था में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
UCC से मुस्लिम महिलाओं में जागा नया आत्मविश्वास: फरजाना बेगम
पीड़िता शाहीन के घर पहुंचकर अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष ने इस कुप्रथा के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई। उन्होंने परिवार को पूरी सुरक्षा और निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं:
पीड़िता को पूरा सरकारी समर्थन: शाहीन के साथ सामाजिक और मानवीय स्तर पर बेहद गलत हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार पूरी संवेदनशीलता और मजबूती के साथ पीड़िता के साथ खड़ी है और उसे हर स्तर पर न्याय दिलाया जाएगा।
खत्म हुआ कुप्रथाओं का डर: प्रदेश में यूसीसी (UCC) कानून लागू होने के बाद से मुस्लिम महिलाओं के भीतर एक नया और मजबूत आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है।
कानून बना महिलाओं का कवच: पहले महिलाएं सामाजिक बंदिशों और प्रताड़ना के डर से हलाला जैसे गंभीर और शोषणात्मक मामलों में सामने आने से कतराती थीं, लेकिन अब यह नया कानून उन्हें पूर्ण सुरक्षा और त्वरित न्याय का भरोसा दे रहा है।
पीड़ित परिवार ने जताया आभार: यूसीसी कानून के तहत पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई पर पीड़िता शाहीन के परिवार ने उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन का दिल से धन्यवाद जताया है। परिवार का कहना है कि इस कानून ने महिलाओं को समाज में सिर उठाकर जीने की हिम्मत दी है।
आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद
अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि इस मामले की विवेचना पूरी निष्पक्षता और कड़ाई से की जाए। यूसीसी के प्रावधानों के तहत दर्ज इस पहले ऐतिहासिक मामले ने समाज को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब वैवाहिक अधिकारों की आड़ में महिलाओं का मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ उत्तराखंड सरकार बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है।
Reported By: Rajesh kumar













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