परमार्थ निकेतन में रेस्क्यू फाउंडेशन मुंबई और दिल्ली की सैकड़ों बच्चियां त्रिवेणी आचार्या जी और उनकी टीम के नेतृत्व में पहुंचीं। यहां उन्होंने पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में प्रार्थना, गंगा स्नान, हवन, ध्यान, गंगा आरती और सत्संग में भाग लिया।
इस आध्यात्मिक वातावरण में बच्चियों को जीवन में आशा, खुशी और आत्मबल का संदेश दिया गया। परमार्थ निकेतन द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन बच्चियों को मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना है, जिन्होंने जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना किया है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने बच्चियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पीड़ा की कहानी नहीं, बल्कि शक्ति की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि उनका भविष्य उनके आत्मविश्वास, साहस और ईश्वर पर विश्वास से तय होगा। उनके इन शब्दों ने कई बच्चियों को भावुक कर दिया।
रेस्क्यू फाउंडेशन द्वारा एक सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से बच्चियों को आत्मविश्वास बढ़ाने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। एक बच्ची ने भावुक होकर कहा कि उसने पहली बार महसूस किया कि वह भी सम्मान और खुशी की अधिकारी है।
कार्यक्रम में गंगा नन्दिनी जी के निर्देशन में स्वास्थ्य, पोषण और संतुलित आहार पर भी जानकारी दी गई। साथ ही “मेरी थाली सेहतवाली” अभियान के तहत स्थानीय और पौष्टिक भोजन के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
बच्चियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे और बीज भी दिए गए, ताकि वे इस अनुभव को जीवनभर याद रख सकें और प्रकृति से जुड़ाव बनाए रखें। कार्यक्रम का समापन भावुक विदाई के साथ हुआ, जिसने सभी के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक क्षण बना दिया।
Reported By: Arun Sharma












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