
उत्तरकाशी : जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में जनपद मुख्यालय से लगभग 29 किलोमीटर दूरी पर स्थित चौरंगीखाल कस्बे से 3 किमी पैदल दूरी पर विद्यमान पौराणिक एवं प्राकृतिक धरोहर ‘नचिकेताताल’ के सर्वांगीण संवर्धन हेतु कार्ययोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। समुद्र तल से लगभग 2453 मीटर की ऊँचाई पर बाँज, बुरांस, खर्सू, मोरू, रई, मुरेंड तथा देवदार के सघन वनों के मध्य स्थित इस 200 मीटर लंबे, 30 मीटर चौड़े एवं 7 मीटर गहरे प्राकृतिक जलाशय का ऐतिहासिक महत्त्व है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्राकृतिक स्रोतों से सिंचित इस ताल एवं जलीय जीवों के प्रति निकटवर्ती ग्रामीणों की अटूट आस्था है। विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नचिकेताताल के समीप स्थित काणाताल, यमगुफा एवं खाल बुग्याल जैसे अल्पज्ञात किंतु रमणीक स्थलों की विस्तृत जानकारी पर्यटकों तक पहुँचाई जाए, ताकि यहाँ आने वाले सैलानियों का प्रवास अवधि बढ़ सके। प्राप्त आँकड़ों के अनुसार वर्ष 2025–26 में 2379 भारतीय एवं 38 विदेशी पर्यटकों ने इस क्षेत्र का भ्रमण किया, जिससे रु. 1,22,850.00 का राजस्व राजकीय कोष में प्राप्त हुआ है।
जिलाधिकारी के निर्देशन में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित तीन वर्ष की स्वीकृत ईकोटूरिज्म विकास योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 में प्राप्त धनराशि से अनेक जनोपयोगी व अवसंरचनात्मक कार्य सफलतापूर्वक निष्पादित किए गए हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026–27 के दौरान झील की परिधि के चारों ओर पर्यटकों की सुरक्षा हेतु फुटपाथ तथा सुदृढ़ रेलिंग का निर्माण कार्य तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने समस्त निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, ताकि चौरंगीखाल प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य ताल परिसर तक आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को सुरक्षित तथा सुगम अनुभव प्राप्त हो सके।
Reported By: Gopal Nautiyal













Discussion about this post