उत्तराखंड में मानसून के मद्देनजर राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्तरीय मानसून पूर्व मॉक ड्रिल का निरीक्षण कर आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (कंट्रोल रूम) से पूरे प्रदेश में मानसून से जुड़ी गतिविधियों, मौसम की स्थिति और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इसे भी पढ़ें
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आपदा आने के बाद केवल राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से जन-धन के नुकसान को न्यूनतम रखना है। इसी उद्देश्य से संवेदनशील क्षेत्रों में मशीनरी, राहत सामग्री, बचाव दल और अन्य आवश्यक संसाधनों की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
राज्य सरकार का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में उत्तराखंड ने अनेक प्राकृतिक आपदाओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया है। ऐसे समय में पूर्व तैयारी, त्वरित निर्णय और विभिन्न विभागों के प्रभावी समन्वय के कारण नुकसान को काफी हद तक नियंत्रित करने में सफलता मिली है।
मुख्यमंत्री धामी स्वयं भी प्रत्येक बड़ी आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी करते रहे हैं। वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मौके पर व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ प्रभावित परिवारों का हौसला भी बढ़ाते हैं।
सरकार का मानना है कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन व्यवस्था लगातार अधिक आधुनिक, सशक्त और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली प्रणाली के रूप में विकसित हो रही है, जिससे मानसून सहित अन्य आपदा परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता मजबूत हुई है।
Reported By: Praveen Bhardwaj












Discussion about this post