
गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट कार्यालय में उनकी अध्यक्षता में आयोजित जिला गंगा समिति की बैठक में नदी संरक्षण, सीवर व्यवस्था और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। डीएम ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाने और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में पिछली कार्यवाही की समीक्षा के दौरान गंगोत्री धाम में शेष भवनों को सीवर सुविधा से जोड़ने, जोशियाड़ा के वार्ड संख्या 8 और 9 तथा गंगोरी क्षेत्र में सीवर निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके अलावा हर्षिल, झाला और मुखवा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण से जुड़े प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और प्रस्तावों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन से संबंधित कार्रवाई समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
डीएम ने पंचायतों और स्थानीय निकायों को सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने को कहा। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ एंटी-लिटरिंग प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने तथा गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए। नदियों में गिरने वाले नालों की सफाई और व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों में घर-घर से नियमित कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने तथा उसका उचित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से लगातार काम करना होगा।
Reported By: Gopal Nautiyal













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