
देश विदेश में मशहूर आसन कंजर्वेशन रिजर्व यानि आसन झील में सात समंदर पार से आने वाले विदेशी पक्षियों ने डेरा डालना शुरू कर दिया है। जिनको देखने के लिए जहां एक ओर पर्यटकों का जमावड़ा लगना शुरू हो चुका है, तो वहीं वन विभाग इन विदेशी मेहमानों की देखरेख और सुरक्षा के लिए मुस्तैद हो गया है।
विकासनगर के अंतर्गत ढालीपुर क्षेत्र में स्थित आसन झील अपनी खुबसूरती और अक्टूबर नवम्बर माह में आने वाले रंग बिरंगे विदेशी पक्षियों के लिए विश्व विख्यात है। यही वजह है कि आसन झील को उत्तराखंड की पहली कंजर्वेशन रिजर्व साइट के तौर पर जाना जाता है, बल्कि अपनी इसी पहचान के चलते देश विदेश की रामसर साइट में भी इसको जगह मिली है। बता दें कि देश विदेश से आने वाले हर साल सर्दियों के मौसम में साइबेरिया, चीन, यूरोप और मध्य एशिया जैसे ठंडे देशों से हजारों की संख्या में विदेशी प्रवासी पक्षी यहां पहुंचते हैं, जिनमें रुडी शेल्डक, बार-हेडेड गूज, रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड, नार्दन पिंटेल, गेडवॉल, मलार्ड, नार्दन शॉवलर और कॉमन टील शामिल हैं। इसके अलावा यहाँ टफ्टेड डक, यूरेशियन विजन, फेरिजिनस डक, कॉमन कूट और ब्राउन-हेडेड गल जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। अक्टूबर से मार्च के बीच प्रवास करने वाले इन विदेशी मेहमानों की अब तक करीब पंद्रह संख्या दर्ज की गई, जिनकी संख्या पांच हजार के बीच पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। जिसको देखते हुए वन विभाग इनकी निगरानी कर रहा है, बल्कि इनके होने वाले अवैध शिकार की रोकथाम व अन्य सुरक्षा कारणों को लेकर लगातार गश्त कर रहा है।
पंकज क्षेत्री, वन दरोगा रामपुर मंडी चकराता वन प्रभाग
Reported By: Praveen Bhardwaj













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