सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षण मानकों की अनदेखी करने वाले मोटर ट्रेनिंग स्कूलों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर हुई जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद हल्द्वानी के तीन मोटर ट्रेनिंग स्कूलों की मान्यता तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी गई है।
प्रशासन द्वारा हाल ही में अपर जिलाधिकारी के नेतृत्व में ड्राइविंग स्कूलों पर छापेमारी अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान तीन संस्थानों में निर्धारित मानकों का पालन न होने की पुष्टि हुई। इसके बाद परिवहन आयुक्त ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीनों स्कूलों की मान्यता सस्पेंड कर दी।
जांच में सामने आईं कई खामियां
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित ड्राइविंग स्कूलों के पास वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा प्रशिक्षणार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए आवश्यक क्लासरूम भी उपलब्ध नहीं थे। ड्राइविंग प्रशिक्षण के लिए जरूरी बुनियादी उपकरणों का अभाव भी जांच में सामने आया।
अधिकारियों के अनुसार ये संस्थान बिना आवश्यक बुनियादी ढांचे और निर्धारित मानकों को पूरा किए संचालित किए जा रहे थे, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती थीं।
विशेष समिति करेगी विस्तृत जांच
जिलाधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद परिवहन आयुक्त ने मामले की गहन जांच के लिए परिवहन विभाग की एक विशेष समिति का गठन किया है। समिति सभी पहलुओं की विस्तृत समीक्षा कर रही है और अपनी रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करेगी।
मानकों से समझौता नहीं
डीएम ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में यदि कोई भी मोटर ट्रेनिंग स्कूल निर्धारित मानकों के बिना संचालित होता पाया गया तो उसके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं अरविंद पांडे ने कहा कि सड़क सुरक्षा आम नागरिकों के जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। ऐसे में बिना मानक पूरे किए किसी भी संस्थान को प्रशिक्षण संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिन तीन स्कूलों की मान्यता निलंबित की गई है, वे तभी दोबारा संचालन शुरू कर सकेंगे जब सभी कमियों को दूर कर निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य मोटर ट्रेनिंग स्कूल संचालकों में भी हड़कंप मच गया है और प्रशासन की ओर से आगे भी ऐसे संस्थानों की नियमित जांच जारी रखने की बात कही गई है।
अरविंद पांडे, आरटीओ (एनफोर्समेंट) हल्द्वानी
Reported By: Praveen Bhardwaj












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