अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश ने टेलीमेडिसिन सेवा के माध्यम से उत्तराखंड के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाकर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस राज्य में संस्थान ने तकनीक के जरिए लोगों को घर बैठे चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया है।
संस्थान ने वर्ष 2018 में टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत की थी, जिसे 5 अगस्त 2023 को ‘डिपार्टमेंट ऑफ टेलिमेडिसिन एंड बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स’ की स्थापना के बाद और अधिक व्यवस्थित रूप दिया गया। इसके बाद से मरीजों तक विशेषज्ञ परामर्श पहुंचाना और भी आसान हो गया है, जिससे लाभार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। पिछले तीन वर्षों में 46 हजार से अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा चुके हैं।
इस सेवा के अंतर्गत टेली-परामर्श और टेली-एजुकेशन जैसी सुविधाएं संचालित की जा रही हैं। मरीज घर बैठे फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। इसके लिए ई-संजीवनी पोर्टल सहित विभिन्न माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं।
एम्स ऋषिकेश की इस पहल के तहत गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, बाल चिकित्सा, मूत्र रोग, पल्मोनरी मेडिसिन, ईएनटी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, न्यूरोसर्जरी, आर्थोपेडिक्स, त्वचा रोग और कैंसर जैसे कई विभागों के विशेषज्ञ नियमित रूप से परामर्श दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं है, जहां दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण होता है। टेलीमेडिसिन के जरिए न केवल समय और लागत की बचत हो रही है, बल्कि गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ सलाह भी मिल पा रही है।
Reported By: Arun sharma












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