
वर्ल्ड ट्रॉमा वीक-2025 के अंतर्गत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश ने जनजागरूकता और स्वास्थ्य संवर्धन के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए। इस श्रृंखला में संस्थान में रक्तदान शिविर और समीपवर्ती स्कूलों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान शामिल रहे।
निदेशक एवं सीईओ प्रो. डॉ. मीनू सिंह की देखरेख में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ ट्रॉमा सर्जन डॉ. मधुर उनियाल, ब्लड बैंक फैकल्टी और नर्सिंग टीम ने किया। शिविर में लगभग 40 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। प्रो. डॉ. मीनू सिंह ने कहा कि रक्तदान जीवन बचाने का महान कार्य है और यह समाज में एकजुटता और करुणा का प्रतीक है।
ट्रॉमा सर्जन डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि सही प्राथमिक उपचार और समय पर रक्त उपलब्धता जीवनरक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मुख्य नर्सिंग अधिकारी डॉ. अनीता रानी ने कहा कि प्रत्येक रक्तदाता किसी के जीवन की नई आशा है, इसलिए रक्तदान सच्चा महादान है।
साथ ही M.I.T. ढालवाला, NDS श्यामपुर और SDM स्कूल में छात्रों और शिक्षकों के लिए आपातकालीन ट्रॉमा प्रबंधन और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी गई। छात्रों ने स्पाइन स्टैबिलाइजेशन, सर्वाइकल कॉलर लगाना और लॉग रोलिंग जैसी तकनीकें सीखकर जीवनरक्षक कौशल विकसित किया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से एम्स ऋषिकेश ने न केवल रक्तदान के महत्व को रेखांकित किया बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य जागरूकता और जीवनरक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी समाज को संवेदनशील बनाया।
Reported By: Arun Sharma













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